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व्‍यवसाय

हाइड्रो

भारत में पनबिजली संयंत्र इन स्थानों पर स्थित हैं:

  • भिरा, महाराष्ट्र
  • हिमाचल प्रदेश की चिनाब घाटी
  • भिवपुरी, महाराष्ट्र
  • खोपोली, महाराष्ट्र

कंपनी की 693 मेगावाट की स्थापित पनबिजली क्षमता है, जिसमें से 65% बिजली घरेलू बाजार के लिए उत्पन्न की जाती है। सस्ती, स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त ऊर्जा की अवधारणा की नींव रखने वाले हमारे पनबिजली स्टेशनों का उपयोग मुख्य रूप से भिरा सहित संबंद्ध औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति के लिए किया जाता है।

टाटा पावर और नॉर्वे के एसएन पावर ने भारत और नेपाल में पनबिजली परियोजनाओं के विकास के लिए एक विशेष साझेदारी की। इस संघ ने भारत के हिमाचल प्रदेश स्थित चिनाब घाटी में "240 मेगावाट की दुगर हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना" प्राप्त की है।

टाटा पावर का भूटान की शाही सरकार के साथ एक संयुक्त उपक्रम है, जिसके तहत उसने मार्च 2015 में ड्रुक ग्रीन पावर कंपनी के साथ मिलकर 126 मेगावाट की दगाचू हाइड्रो परियोजना चालू की है।

कंपनी ने जॉर्जिया में 186 मेगावाट के शुआखेवी हाइड्रो परियोजना को सिंक्रनाइज़ किया है। कंपनी ने जाम्बिया में अपने 120 मेगावाट के इतेजी तेज्‍ही हाइड्रो पावर परियोजना की 60-60 मेगावाट की दो यूनिट शुरू की हैं, जिनमें टाटा पावर की 50 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

क्या आप जानते थे?

टाटा पावर ने 1915 में खोपोली में 40 मेगावाट क्षमता वाला भारत का पहला पनबिजली उत्पादन स्टेशन स्थापित किया था, जिसकी क्षमता को बाद में बढ़ाकर 72 मेगावाट किया गया।