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व्‍यवसाय

रिन्‍युएबल्‍स नवीकरणीय

भारत के सबसे बड़े नवीकरणीय ऊर्जा खिलाड़ियों में से एक के रूप में, टाटा पावर भारत के नवीकरणीय ऊर्जा पर दिए जा रहे ध्‍यान के बदलते परिदृश्य के अनुसार प्रदान करने के लिहाज से शीर्ष पर स्थित है।

टाटा पावर और इसकी अनुषंगियां

हमारे उल्लेखनीय प्रतिष्ठापन (इंस्टॉलेशन)

अपनी सहायक कंपनियों टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (टीपीआरईएल), टाटा पावर सोलर सिस्टम्स लिमिटेड (टीपीएसएसएल) और वाल्व्हान रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (डब्ल्यूआरईएल) के माध्यम से, कंपनी नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सबसे आगे है।

स्वच्छ तकनीकों पर ध्‍यान:

टाटा पावर विभिन्न ऊर्जा स्रोतों में कई अद्वितीय पायलट परियोजनाओं के जरिए प्रयोग कर रहा है:

बायोमास गैसिफिकेशन: टाटा मोटर्स और आईआईएससी की मदद से एक 8 से 14 किलोवाट बायोमास प्रोड्यूसर गैस आधारित उत्पादन प्रणाली विकसित की गई है। वाल्व्हान में एक पायलट संयंत्र चालू किया जा रहा है। उसी के लिए संस्थान में ही गैसीफायर डिजाइन किया गया है जो कि निर्माणाधीन है।

कॉन्सनट्रेटेड फोटोवोल्टैक (सी-पीवी): एक 13.5 किलोवाट पायलट यूनिट विकसित की गई थी, जिसमें सूर्य की किरणों को पीवी सेल्स पर केंद्रित किया जाता है और सेल्स को ठंडा करने के लिए असेंबली वाल्व्हान झील (महाराष्ट्र) पर तैरती है। फिलहाल इस पायलट प्रोजेक्ट का मूल्यांकन चल रहा है।

सौर ऊर्जा संचालित दूरसंचार टॉवर: भारत में 6,00,000 से अधिक दूरसंचार टॉवर अपने एंटिना को शक्ति प्रदान करने के लिए डीजल जनरेटर सेट का इस्तेमाल करते हैं। टाटा पावर की 100% सब्सिडरी टाटा पावर सोलर सॉल्यूशंस लिमिटेड सोलर पीवी पैनल उपलब्ध करा रही है, जो 25 ऐसे इंस्टॉलेशन पर जेनसेट्स की जगह ले सकती है। इस तकनीक को स्थानीय ग्रिडों में बिजली बढ़ाने के लिए अपग्रेड किया जा सकता है। टाटा पावर ने थिन फिल्म तकनीक का उपयोग करते हुए समान पीढ़ी के समाधान को सफलतापूर्वक सिद्ध कर दिखाया है, जो टॉवर की छाया के असर से पार पा जाती है।