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व्‍यवसाय

जेनरेशन उत्‍पादन

सौर और पवन ऊर्जा उत्पादन में राष्ट्रीय स्तर पर हमारी उपस्थिति

सौर ऊर्जा

टाटा पावर के पास 1288 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता का एक मजबूत पोर्टफोलियो है।

इसने हाल ही में आंध्र प्रदेश के अनंतपुर सोलर पार्क में 100 मेगावाट का सौर संयंत्र चालू किया है। यह 2017 में कर्नाटक के पावागाडा में 150 मेगावाट, महाराष्‍ट्र के पलासवाड़ी में 30 मेगावाट और गुजरात के चरंका में 25 मेगावाट उत्पादन शुरू कर चुका है।

कंपनी ने 1996 में लोनावला के वालव्‍हान में 110 किलोवाट का पहला सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया था। 2010 में मुंबई में कंपनी के एक कार्यालय की छत पर 60.48 केडब्ल्यूपी का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया गया था। इन सौर पैनलों द्वारा उत्पन्न बिजली समूची इमारत को रोशन करती है। कंपनी ने तेलंगाना में बेलमपल्ली स्थित इसके 15 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र के सिंक्रनाइजेशन की घोषणा की, जिससे इसका व्यावसायिक परिचालन शुरू हुआ।

पवन ऊर्जा

टाटा पावर की 1161 मेगावाट की स्थापित क्षमता है और इसके संयंत्र महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक राजस्थान, आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश सहित सात राज्यों में फैले हुए हैं। इस तरह यह भारत में पवन ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने में अग्रणी है।

'सेनर्जी' टाटा पावर और दक्षिण अफ्रीका स्थित विविधतापूर्ण संसाधन कंपनी, एक्सारो रिसोर्सेज के बीच एक संयुक्त उपक्रम (जेवी) है। दक्षिण अफ्रीका आधारित सेनर्जी दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना और नामीबिया में बिजली उत्पादन परियोजनाओं की पड़ताल पर ध्यान केंद्रित करेगा। सेनर्जी लिमिटेड ने 134.4 मेगावाट के अमाखला एमोयेनी विंड फार्म और 95.17 मेबावाट के सित्सीकम्मा विंड फार्म के व्यावसायिक परिचालन हासिल किए।

हाल ही में, टाटा पावर की सहायक कंपनी, टीपीआरईएल ने तमिलनाडु में 21 मेगावाट का वगारई विंड फार्म, आंध्र प्रदेश के निम्बागल्लू में 100 मेगावाट और गुजरात में 26 मेगावाट फार्म चालू किया है।