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व्‍यवसाय

ट्रांसमिशन पारेषण

मुंबई लाइसेंस के तहत टाटा पावर का पारेषण परिचालन पूरे मुंबई शहर में फैला हुआ है। यह पूरे शहरी क्षेत्र से लेकर महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में हाइड्रो उत्पादक स्टेशनों तक फैला हुआ है। मुंबई लाइसेंस क्षेत्र में 1,125 सीकेटी केएम से ज्यादा के पारेषण नेटवर्क (220 केवी/110 केवी की ओवरहेड लाइन में 995 सीकेटी केएम और 220 केवी/110 केवी भूमिगत केबल्स में 130 सीकेटी केएम) के साथ यह यूटिलिटी मुंबई की लगातार बढ़ रही ऊर्जा जरूरतों को पूरा कर रही है और भारत की वाणिज्यिक राजधानी होने का विशिष्ट दर्जा पाने और उसे बरकरार रखने में शहर की मदद भी कर रही है। पारेषण का पूरा तंत्र अत्‍याधुनिक एकीकृत एससीएडीए सिस्टम के जरिये पीएससीसी से केंद्रीय रूप से नियंत्रित होता है।

99.5 प्रतिशत की ग्रिड उपलब्धता के साथ टाटा पावर ट्रांसमिशन देश की सबसे भरोसेमंद व्यवस्था है, जो मुंबई शहर द्वारा बिजली के एकमुश्त उपयोग का 60 से 70 फीसदी भार वहन करती है।

यह बिजली के उत्पादन और वितरण के बीच महत्वपूर्ण अंर्तसंबंध है, जो शहर के पारेषण तंत्र को महाराष्ट्र स्टेट ग्रिड के साथ जोड़ता है। इसके अलावा, यह ट‍्रॉम्बे के तापीय उत्पादन स्टेशनों, रायगढ़ जिले के हाइड्रो उत्पादक स्टेशनों को नेटवर्क व टाटा पावर डिस्ट्रीब्यूशन, बीईएसटी, एमएसईडीसीएल और रिलायंस इन्फ्रा जैसी मुंबई डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटीज के साथ जोड़ता है।

मुंबई के ग्राहकों की लगातार बढ़ रही मांग को पूरा करने के लिए टाटा पावर ट्रांसमिशन मुंबई में अपने पारेषण तंत्र को लगातार विकसित और प्रसारित कर रहे हैं। इसके अलावा उसने विगत 3-4 वर्षों में तकरीबन 1500 करोड़ रुपये का निवेश भी किया है। इतना ही नहीं, अगले पांच वर्षों में लगभग 4000 करोड़ के निवश और तंत्र को 400 केवी तक अपग्रेड करके इसे सीटीयू से जोड़ देने की महत्वाकांक्षी योजना भी है।

प्रमुख उपलब्धियां (मील के पत्‍थर)