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टाटा पावर की शुरुआत 1915 मेँ महाराष्ट्र के खोपोली में भारत की पहली विशाल पन-बिजली परियोजना के साथ हुई और इसके संस्थापक स्वर्गीय श्री जमशेदजी एन. टाटा की दूरदृष्टि ने इसे आगे की राह दिखाई।

भारत में उत्पादन, संप्रेषण और वितरण में इसकी सफल सार्वजनिक-निजी साझेदारी है। इनके नाम हैं - उत्तरी दिल्ली में वितरण के लिए दिल्ली विद्युत बोर्ड के साथ ”टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड“, भूटान में ताला हाइड्रो प्लांट से दिल्ली तक बिजली के निकास के लिए पावर ग्रिड काॅर्पोरेशन आॅफ इंडिया लिमिटेड के साथ ”पावरलिंक्स ट्रांसमिशन लिमिटेड“, झारखंड में 12792 मेगावाट की बृहत विद्युत परियोजना के लिए दामोदर वैली काॅर्पोरेशन के साथ ”मैथन पावर लिमिटेड“, सीईएसयू के पाँच सर्कलों में बिजली के वितरण और खुदरा आपूर्ति के लिए ओडिशा विद्युत विनियामक आयोग के साथ ”टाटा पावर सेंट्रल ओडिशा डिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड, डब्लूईएससीओ (वेस्को) के पाँच सर्कलों में बिजली के वितरण और खुदरा आपूर्ति के लिए टाटा पावर वेस्टर्न ओडिशा डिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड, और एसओयूटीएचसीओ (साउथको) के छः सर्कलों में बिजली के वितरण और आपूर्ति हेतु टाटा पावर सदर्न ओडिशा डिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड

टाटा पावर भारत में करीब 9.5 मिलियन वितरण उपभोक्ताओं को अपनी सेवायें दे रही है और इसने मूंदड़ा (गुजरात) में सुपर-क्रिटिकल टेक्नोलाॅजी पर आधारित देश केे पहले 4150 मेगावाट क्षमता के अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट का निर्माण किया है। यह भारत में सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों में से एक भी है जिसका स्वच्छ ऊर्जा पोर्टफोलियो 30% का है।

इसकी विदेशी व्यवसाय में इंडोनेशिया में प्रमुख कोयला कंपनी पीटी काल्टिम प्राइमा कोल (केपीसी) में 30% और पीटी बारामुल्ती सक्सेस्सराणा टीबीके (”बीएसएसआर“) में खदानों में 26% हिस्सेदारी के माध्यम से; सिंगापुर में अपने ताप विद्युत उत्पादन परिचालनों के लिए कोयला आपूर्ति को प्रत्याभूत करने के लिए ट्रस्ट एनर्जी के माध्यम से; 120 मेगावाट हाइड्रो, जो 2016 में चालू हो चुका है, के लिए जेस्को (जेडईएससीओ) के साथ 50:50 संयुक्त उपक्रम के माध्यम से जाम्बिया में; 185 मेगावाट हाइड्रो परियोजना के निर्माण के लिए, जो 2016 में चालू हो चुका है, के लिए क्लीन एनर्जी, नाॅर्वे और आइएफसी के साथ संयुक्त उपक्रम, एजीएल के माध्यम से जाॅर्जिया में; उन्नत जियोथर्मल और स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकियों में निवेशों के माध्यम से आॅस्ट्रेलिया में और भूटान की शाही सरकार के साथ साझेदारी में हाइड्रो परियोजना के माध्यम से भूटान में रणनैतिक निवेश सम्मिलित हैं।