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कॉर्पोरेट

अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर उपस्थिति

विद्युत क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हमारी मौजूदगी

टाटा पावर पूरी आक्रामकता से अपने वैश्विक परिचालन का दायरा बढ़ाने के लिए तत्‍पर है
और इसने कुछ प्रमुख विकसित हो रहे क्षेत्रों और बाजारों में पहले ही प्रवेश किया है।


आईए देखते हैं इसके अंतर्राष्ट्रीय पोर्टफोलियो की एक झलक :

इंडोनेशिया : कोयला भंडार

इंडोनेशिया की अग्रणी कोयला कंपनी- पीटी कल्टिम प्राइमा कोल (केपीसी) में टाटा पावर की 30 फीसदी की हिस्सेदारी है और इसने केपीसी के साथ एक व्यापार समझौता भी किया है।

सिंगापुर : कोयला आपूर्ति, नौ-परिवहन और व्यापार

टाटा पावर ने सिंगापुर में पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी के तौर पर ट्रस्ट एनर्जी रिसोर्सेज की स्थापना की है। टाटा पावर के तापीय विद्युत परिचालन के लिए कोयले की सुरक्षित आपूर्ति और नौ-परिवहन को सुनिश्चित करना ही ट्रस्ट एनर्जी का कार्य है। इसके अन्य कार्यों में जहाज खरीदना या किराये पर लेना और उसका संचालन, कोयला खनन संपत्तियों/कंपनियों में निवेश और कोयले का व्यापार सम्मिलित हैं।

दक्षिण अफ्रीका: विकास के अवसरों की खोज करना

सेनर्जी की स्थापना टाटा पावर और दक्षिण अफ्रीका में स्थित एक विविधीकृत संसाधन कंपनी एक्जारो रिसोर्सेज के बीच एक संयुक्त उपक्रम के तौर पर हुई है। दक्षिण अफ्रीका में स्थित सेनर्जी बोत्सवाना, नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका में विद्युत उत्पादन की परियोजनाओं की जांच करेगी। शुरुआती दौर में इसे दक्षिण अफ्रीका की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं पर ध्‍यान केंद्रित करना है। दरअसल, सेनर्जी की रणनीति यह है कि परिसंपत्तियों के निर्माण का एक संतुलित पोर्टफोलियो तैयार किया जाए। अगर उपलब्धियों की बात करें, तो दक्षिण अफ्रीका में कंपनी के इस संयुक्त उपक्रम सेनर्जी लिमिटेड ने 134.4 मेगावाट वाले एमाखाला इमोयेनी विंड फार्म और 95.17 मेगावाट वाले सित्सिकामा विंड फार्म का वाणिज्यिक संचालन हासिल किया।

भूटान : हाइड्रो क्षेत्र में मौजूदगी

टाटा पावर का भूटान की रॉयल गवर्नमेंट के साथ एक संयुक्त उपक्रम है, जिसके तहत इसने ड्रक ग्रीन पावर कंपनी के साथ 126 मेगावाट की दगाचू हाइड्रो परियोजना क्रियान्वित की है। परियोजना को 2014 में चालू किया गया था।

400 मेगावाट जॉर्जिया हाइड्रो परियोजना

टाटा पावर ने अपनी अनुषंगी कंपनी टाटा पावर इंटरनेशनल प्राईवेट लिमिटेड के जरिये जॉर्जिया में हाइड्रो परियोजनाओं के विकास (खासकर टर्की को विद्युत की बिक्री के लिए) क्लीन एनर्जी इन्वेस्ट एएस (स्वच्छ ऊर्जा) और आईएफसी इंफ्रावेंचर्स (आईएफसी) के साथ एक समझौता किया है। इन हाइड्रो परियोजनाओं की कुल क्षमता 400 मेगावाट होगी और इनका विकास तीन चरणों में किया जाएगा। जून, 2013 में कंपनी ने एडजारिट्जकली नीदरलैंड्स बीवी में 40 फीसदी हिस्‍सेदारी का अधिग्रहण किया, जो कि अपनी सौ फीसदी स्वामित्व वाली अनुषंगी एडजारिट्जकली जॉर्जिया एलएलसी के माध्यम से जॉर्जिया में हाइड्रो परियोजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है। कंपनी ने जॉर्जिया में 186 मेगावाट की शुहाखेवी हाइड्रो परियोजना को भी सिंक्रोनाइज किया है। इसके अलावा कंपनी ने 115 मेगावाट की कोरोमखेती परियोजना के व्यवहार्यता अध्ययन को भी पूरा किया है। जॉर्जिया सरकार के साथ टैरिफ पर चर्चा समेत अब इस परियोजना से जुड़ी अन्य विकास गतिविधियों पर काम चल रहा है।

120 मेगावाट की इत्जी तेज्ही हाइड्रो पावर परियोजना, जांबिया

कंपनी ने अपनी 120 मेगावाट की इत्जी तेज्ही हाइड्रो परियोजना के 60 मेगावाट की प्रत्येक यूनिट का संचालन शुरू किया है। इसमें टाटा पावर की 50 फीसदी हिस्सेदारी है। दोनों इकाईयों का सिंक्रोनाइजेशन जनवरी 2016 में पूरा किया गया। वर्तमान में इस पर टाटा पावर और जांबिया की पावर यूटिलिटी जेस्को का स्वामित्व है, जो 25 वर्ष की बीओओटी (बिल्‍ड-ओन-ऑपरेट-ट्रांसफर) रियायती अवधि पर 50:50 आधार पर है।