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Plants & Projects

Implementation Status

कार्यान्‍वयन की स्थिति

अप्रैल 2008 में परियोजना का वित्तीय समापन हुआ। रॉयटर्स की अनुषंगी प्रोजेक्ट फाइनेंस इंटरनेशनल द्वारा 2008 में एशिया-प्रशांत क्षेत्र में मुंद्रा परियोजना फाइनेंस को 'पावर डील ऑफ दि ईयर' चुना गया। वैश्विक परामर्शी संस्था केपीएमजी ने टाटा पावर के मुंद्रा यूएमपीपी को बुनियादी ढांचे के संदर्भ में अपनी एक सौ परियोजनाओं की रिपोर्ट में सूचीबद्ध किया है। इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण गतिविधियां पूरे जोरो पर हैं।

सीजीपीएल ने मुंद्रा यूएमपीपी की सभी पांच 800 मेगावाट की इकाईयों के वाणिज्यिक संचालन की घोषणा कर दी है। इकाई 1 की स्थापना मार्च 2012 में, इकाई 2 की जुलाई 2012 में, इकाई 3 की दिसंबर 2012 में, इकाई 4 की जनवरी, 2013 में और इकाई 5 की स्थापना मार्च 2013 में हुई थी।

मुंद्रा अल्ट्रा मेगा पावर परियोजना इस वर्ग में पहली ऐसी परियोजना है, जिसे भारत में 800 मेगावाट की सुपर क्रिटिकल ब्वॉयलर तकनीक के प्रवर्तन का श्रेय जाता है, जो कि पर्यावरण-हितैषी और कुशल है। यह तकनीक और इकाई के आकार चयन परियोजना के लिए ईंधन की बचत में सहायक है और सबक्रिटिकल कोयला आधारित पावर स्टेशनों की तुलना में ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में 15 फीसदी की कमी लाता है।

इकाई संख्या 30 टर्निंग गियर पूर्णता समारोह मना रही है।
श्री आर एन टाटा इकाई संख्या 10 टर्बो-उत्पादन फ्लोर पर
संयंत्र का स्नायु केंद्र- मुख्य नियंत्रण कक्ष
स्विचगियर रूम
संयंत्र का दक्षिण-पश्चिम दृश्य