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संयंत्र एवं परियोजनाएं

सामुदायिक विकास

सामुदायिक विकास
स्थानीय समुदाय में ‘मनचाहे पड़ोसी’ के
रूप में सकारात्मक माहौल पैदा किया।

सीएसआर गतिविधियां - पांच बिंदुओं वाले थीम पर आधारित

स्वास्थ्य (आरोग्य)

  • गतिशील मेडिकल इकाईयां 40 से ज्यादा गांवों को कवर कर रही हैं और हर महीने औसतन 2000 रोगियों की देखभाल कर रही हैं। अब तक हम 23879 रोगियों की देखभाल कर चुके हैं।
  • एमपीएल-ओएचसी के सहयोग से हर महीने होने वाला एक खास मेडिकल शिविर 12 गांवों को कवर करता है। तीन शिविर आयोजित कराए हैं और अब तक 150 रोगियों की देखभाल कर चुके हैं।
  • नुक्कड़ नाटक (कुल 24), श्रव्य-दृश्य फिल्म शो (कुल 24), स्वास्थ्य विशेषज्ञ बैठकें (कुल 36) और दीवार चित्रकारी (कुल 120) के जरिये जागरूकता सृजन कार्यक्रम। 25 से ज्यादा गांवों और 30000 की आबादी को कवर कर रहा है।

ग्रामीण युवाओं के लिए आजीविका (दक्ष/समृद्धि)

दक्ष

  • रोजगारदेयता मॉडल - बीपीओ में नौकरियों के लिए अनुसूचित जाति/जनजाति/गरीबी रेखा से नीचे के उम्मीदवारों के प्रशिक्षण और भर्ती के लिए टीसीएस-कोलकाता और एजीएल-जमशेदपुर में सहयोग।
  • सेल्स और रिटेल मार्केटिंग के लिए जरूरी कौशलों पर एक संगठन (विज मंत्रा) द्वारा 25 उम्मीदवारों को प्रशिक्षण कम भर्ती का मौका दिया गया। 15 उम्मीदवारों को नौकरी का प्रस्ताव दिया गया।
  • बीपीओ में प्रशिक्षण और भर्ती के लिए टाटा बिजनेस सपोर्ट सेवाओं के साथ समझौता कर रहा है। प्रशिक्षित उम्मीदवार टीबीएसएस जमशेदपुर में नियुक्त होंगे।

उद्यमिता मॉडल (समृद्धि)

  • 40 अनुसूचित जाति/जनजाति की महिलाओं को स्ट्रा हैंडीक्राफ्ट में प्रशिक्षण। अन्य 40 अनुसूचित जाति/जनजाति की महिलाओं को जनवरी के मध्य से जूट क्राफ्ट में प्रशिक्षण दिया जाएगा। हमने 20 अनुसूचित जाति/जनजाति की महिलाओं को चमड़े के क्राफ्ट पर प्रशिक्षण देने की योजना बनाई है। 100 महिलाओं का लक्ष्य है। दोबारा खरीदने की सुविधा के साथ आईजीए गतिविधि के लिए एक उत्पादन केंद्र की शुरुआत की गई है। स्ट्रॉ क्राफ्ट वाले समूह ने कमाई करना भी शुरू कर दिया है।
  • 67 महिलाओं वाले स्व-सहायता समूह को धूप बत्ती निर्माण और उसके विक्रय के लिए प्रशिक्षण।

शिक्षा (विद्या)

  • 200 विद्यार्थियों और वयस्क शिक्षा के तहत 50 गांव वालों के साथ तीन स्कूलों में तीन शिक्षा समर्थन केंद्र (उपचारात्मक केंद्र)। तीन केंद्र शुरू हो चुके हैं। 11 जनवरी, 2014 को उद्धाटन किया गया।
  • 200 विद्यार्थियों और वयस्क कंप्यूटर साक्षरता के तहत 50 ग्रामीणों के लिए एक कंप्यूटर शिक्षा केंद्र। जनवरी से शुरू होने की उम्मीद।

स्थायित्वपूर्णता (अक्षय)

  • जिंदगियों को रोशन करना- जनवरी से मार्च 2013 के बीच 12 गांवों के साझे स्थानों/बाजारों में 60 लाईटों की स्थापना और 60 और की स्थापना की तैयारी।
  • एमपीएल के नजदीकी स्कूलों में जागरूकता शिविर।
  • स्थानीय ग्रामीण स्कूलों में पर्यावरण और अग्नि से सुरक्षा पर जागरूकता सृजन कार्यक्रम।

सामाजिक पूंजी और बुनियादी ढांचे का विकास- संरचना

  • पेयजल परियोजना- गर्मियों के मौसम में पानी के टैंकर के जरिये 33 गांवों में पेयजल की आपूर्ति।
  • 35 स्कूलों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति के लिए 133 टाटा स्वच्छ जल शोधकों की आपूर्ति। वाटर फिल्‍टर्स टीपीसीडीटी से भेजे जाते हैं।

अन्य

  • गांव के निवासियों के साथ फुटबॉल और क्रिकेट मैच।
  • स्थानीय गांवों में चित्रकला प्रतियोगिता।
  • गांवों के भीतर अलग-अलग बैचों में ग्रामीण युवाओं के लिए सीबीडब्ल्यूई (केंद्रीय कर्मचारी शिक्षा बोर्ड- भारत सरकार) प्रशिक्षण की व्यवस्था। इससे युवाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलती है जिसका लाभ वे उठा सकते हैं।
  • ग्रामीणों की प्रार्थना पर जनजातीय गांवों में पुराने वस्त्रों का वितरण।
  • वृक्षारोपण।
  • पर्यावरण के बारे में जागरूकता फैलाना और इस बढ़ी हुई जागरूकता के आधार पर स्थानीय स्कूलों में चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित कराना। यह सब कुछ होगा पर्यावरण विभाग के सहयोग से।
  • खेल की किटों का वितरण और स्थानीय ग्रामीण युवाओं और युवा क्लबों के साथ तालमेलपूर्ण संबंध बनाए रखने के लिए मैचों का आयोजन।

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