English

स्थायित्वपूर्णता

संरक्षण एवं वनीकरण

संरक्षण और वनीकरण

पश्चिमी घाट जैव विविधता के मुख्‍य केंद्र माने जाते हैं, इसलिए जल ग्रहण क्षेत्रों का संरक्षण एक राष्ट्रीय प्राथमिकता का विषय बन गया है, जिसे लेकर टाटा पावर ने पूरे मन से अपना समर्थन देने का विस्तार किया है।

पिछले 40 वर्षों से ज्यादा समय से टाटा पावर ने पश्चिमी घाट के पास पहाड़ों की ढलान पर संग्रहित जल के पास तेजी से बढ़ने वाले वृक्षों की प्रजातियों को रोपा है। 1991 में वनीकरण कार्यक्रम ने गति पकड़ी और यह अभी तक जारी है। पिछले दस वर्षों के दौरान, पश्चिमी घाट में तेजी से बढ़ रही स्थानीय वृक्ष प्रजातियों पर रहा है। ये पौधे लोनावला में टाटा पावर की नर्सरियों में विकसित किए गए। यह प्रक्रिया इको-फॉरेस्ट सिस्टम में जैव विविधता को समर्थन देने और बदले में चयनित फौना के लिए प्राकृतिक आवास के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है।

इसलिए इस पहल की कामयाबी झीलों के पारिस्थितिकीय विकास और फ्लोरा, फौना और जलीय विविधता के संरक्षण के लिए अत्‍यावश्‍यक बन गई है। टाटा पावर हर वर्ष अपने पूरे जल संग्रहण क्षेत्र में तकरीबन नौ से दस लाख सैंपल पौधे रोपता है। पौधारोपण के लिए उन पौधों को चुना जाता है, जो ज्यादातर क्षेत्र में पैदा होने वाली स्थानीय वन प्रजाति के होते हैं और उनको भी, जिनकी संख्या लगातार कम हो रही है और उनके संरक्षण के लिए उन्हें बड़ी तादाद में रोपना जरूरी हो।

टाटा पावर के अथक प्रयासों की बदौलत मावल और मुल्शी के जल संग्रह क्षेत्रों में 100 लाख से ज्यादा पौधे लगाए जा चुके हैं। इस प्रयास के जरिये टाटा पावर पूरे क्षेत्र को हरा-भरा और मनोहर बनाने का लक्ष्य तय किया है और कंपनी को यह उम्‍मीद है कि इससे जानवरों, पक्षियों और तितलियों की बड़ी तादाद में प्रजातियां आकर्षित होंगी और पूरी दुनिया में पश्चिमी घाट जैव विविधता के हॉट स्पॉट के तौर पर जाना जाता रहेगा।

वनीकरण के अपने प्रयासों के एक हिस्से के तौर पर, टाटा पावर ने स्थानीय और देशज वन प्रजातियों, औषधि व बड़ी लताओं वाले पौधों, ग्रामीणों को सुसज्जित आम के पौधे उपलब्ध कराने, जल के संरक्षण व सिल्ट को कम करने वाले पौधों के सतत रोपण के लिए नर्सरियों के विकास की पहल की है। इसने वनों में लगने वाली आग को रोकने, पर्यावरणीय शिक्षा के लिए शिक्षकों की वर्कशॉप, स्कूलों में पर्यावरणीय शिक्षा और पर्यावरणीय मेले आयोजित कर इस दिशा में जागरूकता फैलाने की पहल की है।