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सीएसआर

सकारात्मक कार्रवाई

सीएसआर- अफर्मेटिव एक्शन (एए) टाटा पावर का एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसमें टाटा समूह की सभी कंपनियां एससी/एसटी समुदायों के साथ काम करती हैं।

केंद्रण के क्षेत्र

रोजगारपरकता :

अभी तक 2902 एसएचजी सदस्‍यों और 1172 युवा विभिन्न रोजगारपरकता ट्रेड्स में प्रशिक्षित किए जा चुके हैं। आईटीआई और नर्सिंग में 65 युवा कवर किए गए हैं।

उद्यमिता:

सभी जगहों पर 2094 किसान कृषि और गैर-कृषि हस्तक्षेपों में सक्रिय हैं और उन्हें होने वाली आय में 3000- 5000 रुपये प्रति माह की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

स्व-सहायता समूहों (एसएचजी) के 1977 सदस्य उद्यमिता में संलग्न हैं और तीन-तीन हजार रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं।

रोजगार

सितंबर, 18 तक टाटा पावर में 12% स्टाफ और 11% एफडीए की नियुक्ति की गई।

सितंबर, 18 तक टीपीएसडीआई ने एए के 2.26% प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया।

एए वाले 6 युवा अप्रेंटिसशिप पूरी होने के बाद टाटा मोटर्स से जुड़े।

शिक्षा और आवश्यक सुविधाएं :

शैक्षिक हस्तक्षेपों के तहत 20,210 विद्यार्थियों तक पहुंच बनाई गई, जिससे उनके शैक्षिक प्रदर्शन में सुधार आया है।

10% - 25% सुधार उनकी अकादमिक में और 23% सुधार उनकी उपस्थिति में।

8455 विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप का लाभ मिला।

आदर्श गांव के जरिये 2500 परिवारों को सामाजिक आर्थिक विकास के लिए कवर किया गया।

जावहर-एक आदर्श गांव

अपने नजदीकी समुदायों के अलावा टाटा पावर ने सर्वाधिक हाशिए पर होने वाले समुदायों पर भी ध्‍यान केंद्रित किया है। जावहर एक दूरस्थ लोकेशन है जो हमारे अफर्मेटिव हस्तक्षेप (एए) के तहत आती है।

2014 से हमने सामाजिक आर्थिक उन्नयन के लिए हमने सरकार के साथ सहयोग करते हुए काम किया है। जावहर 106 गांवों के साथ जनजाति बाहुल्य वाला ब्लॉक है, जिसमें कटकरी, कोंकणी और वराली जनजातियां रहती हैं। हमने कदाचीमेट गांव के साथ भी इन कारणों से सहयोग किया है :