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सीएसआर

आजीविका और रोजगारपरकता

हमारी सीएसआर (कार्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) गतिविधियां इस क्षेत्र में कृषि एवं गैर-कृषि दोनों पर आधारित पहलों पर केंद्रण करती हैं। आजीविका से जुड़ी पहलों में कृषि के अलावा व्यवसायिक कौशल शामिल हैं, जिनमें महिला स्व-सहायता समूह, बेरोजगार युवा, मछुआरा समुदाय और किसान लक्षित लाभार्थी हैं।

हमारा ध्‍यान बाजार के साथ संपर्क करने के अलावा विविधीकृत फसल उत्पादन के जरिये फसल-उत्पादकता में बढ़ोतरी कर आजीविका की समस्या का समाधान करने पर केंद्रित है। युवाओं व महिलाओं के लिए, बाजार की मांग के अनुसार कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। टाटा पावर दो इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (आइटीआइ) और पांच टाटा पावर इन-हाउस स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट भी चला रहा है। उदाहरण के लिए टाटा पावर स्किल डेवलेपमेंट इंस्टीट्यूट (टीपीएसडीआइ- www.tpsdi.com).

हमारे मुख्‍य आकर्षण

  • टीसीएस के साथ रोजगारपरकता प्रशिक्षण ने 14,500 रुपये की औसत मासिक आय के साथ मैथन और कलिंगनगर में 274 युवाओं का प्लेसमेंट किया। मूंदड़ा में भी यही प्रक्रिया दोहराई गई।
  • विभिन्न जगहों पर रोजगारपरकता प्रशिक्षण (आईटीआई, खुदरा, आतिथ्‍य सत्‍कार इत्यादि) के बाद 8000 रुपये की औसत मासिक आय के साथ युवाओं के आमदनी स्‍तर में 32 फीसदी की बढ़ोतरी।
  • अभी तक तकरीबन 500 स्व-सहायता समूह (एसएचजी) विभिन्न सामाजिक (70%), आर्थिक (20%) और गवर्नेंस (10%) हस्तक्षेपों में सक्रिय हैं। 2000 रुपये से 2500 रुपये की मासिक आय के साथ छह जगहों (मूंदड़ा, मैथन, मावल, जावहर, कलिंगनगर और मुल्‍शी) में धागा की पहुंच बढ़ाई गई।

आजीविका एवं रोजगारपरकता पहलों के उद्देश्य