English

स्थायित्वपूर्णता

अवलोकन (एक नजर)

टाटा पावर ने हमेशा जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने और अपने आसपास के समुदायों का समग्र विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभिन्न पहलें की है।

हम टाटा पावर कम्युनिटी डेवलपमेंट ट्रस्ट (टीपीसीडीटी) के माध्यम से एक बेहतर और स्‍थायीपूर्ण समाज का निर्माण करने में मदद करने के लिए विविध सामुदायिक आधारित योजनाओं तथा परियोजनाओं को लागू करने तथा उनका दायरा बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य परिणाम उन्मुख भागीदाीपूर्ण दृष्टिकोण से समुदाय के लोगों के जीवन को बदलना है। हमारे यह प्रयास समावेशी विकास की ओर निर्देशित हैं। ताकि इससे आसपास के समुदायों तक पहुंच बनाई जा सके और उन्हें एक स्थाई भविष्य बनाने में भी मदद मिल सके।

हमारी सभी सामुदायिक विकास परियोजनाएं हमारे दिल में ‘लीडरशिप विद केयर’ की अवधारणा के साथ काम करती है जोकि ‘केयर फॉर कम्युनिटी’ के रूप में तब्‍दील होती हैं।

सीएसआर विज़न

"टाटा पावर को समुदायों की पहली पसंद बनाते हुए सामाजिक कल्याण तथा जीवन की गुणवत्‍ता में सुधार के लिए संयुक्त रूप से काम कर सह-अस्तित्व और सह-निर्माण का अधिकार प्राप्त करना।

सीएसआर मिशन

हमारे परिचालन के क्षेत्र में समुदायों के साथ काम करने के लिए या विशेष रूप से पहचाने जाने के लिए, विकास की अनिवार्यताओं को संबोधित करके सह-अस्तित्व की अपनी स्वीकृति प्राप्त करना है।

मुंबई शहर में मुख्यालय के साथ, टाटा पावर ने देश के 10 अन्य राज्‍यों में भी अपनी परियोजना पूरी कर ली है।

  • महाराष्ट्र: मुंबई, मुलसी, मावल / अहमदनगर / पुणे / सोलापुर
  • मध्‍य प्रदेश: नीमच
  • गुजरात: मूंदड़ा / कच्छ और सुरेंद्रनगर
  • राजस्थान: प्रतापगढ़ और उदयपुर
  • बिहार: गया
  • पंजाब: भटिंडा
  • तमिलनाडु: त्रिची, करूर, तिरुनेलवेली
  • कर्नाटक: चित्रदुर्ग
  • आंध्र प्रदेश: वाईएसआर कडप्पा
  • दिल्ली: नई दिल्ली, नोएडा

हमारा प्रभाव

टाटा पावर ग्रुप के सीएसआर कार्यक्रमों ने 2017-18 में भारत के 9 राज्‍यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में 320 गांवों में 1.05 लाख से अधिक सामुदायिक सदस्यों तक पहुंच बनाई है।
  • वित्तीय समावेशन के तहत, कंपनी विभिन्न सरकारी योजनाओं में लाभ प्राप्त कराने के लिए 1.5 लाख सामुदायिक लोगों को जोड़ने में सक्षम रही है।
  • सामाजिक पूंजी अंतर्गत, कंपनी ने 95000 सामुदायिक सदस्यों तक पहुंच बनाई है।
  • इसने कृषि और गैर-कृषि हस्‍तक्षेपों में लगभग 32000 किसानों तथा युवाओं को उनकी आय के स्तर में वृद्धि के साथ कवर किया है।
  • व्यवहार परिवर्तन को सक्षम करने के लिए, कंपनी के केंद्रित संचार के परिणाम स्वरुप 6.08 लाख से अधिक लोगों ने सुरक्षित जल, स्वास्थ्य और स्वच्छता प्रथाओं को अपनाया।
  • इसकी शिक्षा उत्कृष्टता पहल के तहत, 1.6 लाख बच्चों के शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार आया है।

धागा

धागा एक महिला उद्यम है जिसका निर्माण कपड़े तथा हस्तशिल्प बनाने हेतु कौशल को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है। महिलाएं कुर्ती, रैप अराउंड्स लेकर प्लाजो, हैंडबैग इत्यादि जैसे विभिन्‍न उत्‍पाद बनाती हैं। यह स्थाई बाजार जुड़ाव के साथ एक साझेदारी मॉडल भी होगा।

  • 500 महिलाएं
  • 2500- 3000 रुपये मासिक आय
  • 6 स्थान

तस्‍वीरें और वीडियो

टाटा पावर – सामाजिक पहल #धागा महिलाओं को आत्‍मनिर्भर बनाने में सशक्‍त करना
टाटा पावर की सामाजिक पहल #धागाप्रशिक्षण के जरिए महिलाओं को सशक्‍त बनाना

आभा

  • आभा दिल्ली के जेजे क्लस्टर्स में महिलाओं के लिए एक “सीखते हुए कमाने” की पहल है।
  • टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड के महिला साक्षरता केंद्रों में साक्षर बनने के बाद, आभा जेजे क्लस्टर समुदायों को सरकारी योजनाओं, एक्‍सीडेंटल लाइफ इंश्‍योरेंस स्‍कीम, डि-एडीशन ड्राइव से जोड़ने में मदद करती हैं।
  • आभा एलईडी तथा ऊर्जा दक्ष उपकरणों की बिक्री कर उज्जवला योजना के माध्यम से विभिन्न व्यापारिक गतिविधियों एवं ऊर्जा संरक्षण को भी बढ़ावा देती हैं।
  • वे जेज क्‍लस्‍टर के निवासियों से एरियर्स के भुगतान कोबढ़ावा देने में भी संलग्‍न हैं तथा एसएचजी का भी हिस्‍सा हैं।
  • 841- महिलाएं
  • 8000 मासिक आय
  • 6 स्थान

तस्‍वीरें एवं वीडियो

##आभा टाटा पावर दिल्‍ली डिस्‍ट्रीब्‍यूशन लिमिटेड की सामाजिक पहल है जोकि महिलाओं को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्‍त बना रही है

हमारे सीएसआर सिद्धान्त