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स्थायित्वपूर्णता

अवलोकन

टाटा पावर स्किल डेवलेपमेंट इंस्टीट्यूट (टीपीएसडीआइ) टाटा पावर कंपनी की एक पहल है, ताकि युवाओं व अन्यों को खासकर विद्युत व इससे जुड़े क्षेत्रों में काम करने का कौशल प्रदान किया जा सके और भारतीय विद्युत सेक्टर में कौशल अंतर की चुनौती को दूर किया जा सके।

यह इंस्टीट्यूट रोजगार के लिए जरूरी विभिन्‍न कौशल प्रदान करने के लिए मॉड्यूलर ट्रेनिंग और सर्टिफिकेशन कोर्स मुहैया करता है। टीपीएसडीआइ का शुभारंभ टाटा समूह के चेयरमैन (अध्‍यक्ष) द्वारा 9 फरवरी, 2015 को टाटा पावर के शताब्दी वर्ष समारोह के हिस्‍से के तौर पर किया गया था।

इंस्टीट्यूट ने टाटा पावर और इसके संयुक्त उपक्रम/अनुषंगियों की सुविधाओं का उपयोग करते हुए देश में चार जगहों पर पांच प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए हैं :

इंस्टीट्यूट का प्रशिक्षण का अनूठा दृष्टिकोण गति, पैमाने और मानकों के साथ कौशल प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है। रोजगार केंद्रित ये कोर्स 2 से 12 हफ्तों की अवधि के हैं और टीपीएसडीआइ कॉम्‍पीटेंसी फ्रेमवर्क का अनुसरण करते हैं, जोकि राष्ट्रीय कौशल गुणवत्ता फ्रेमवर्क (एनएसक्‍यूएफ) के मुताबिक हैं। टीपीएसडीआइ का यह ढांचा प्रतिभागियों को पूरी तरह से तैयार कौशल को तुरंत सीखने और कुछ समय बाद अपने कौशल को बेहतर बनाने में भी सक्षम बनाता है।

टीपीएसडीआइ में प्रशिक्षण प्रशिक्षुओं के समग्र विकास को सुनिश्चित करता है। तकनीकी कौशल के अलावा, टीपीएसडीआइ में प्रशिक्षण कौशल निर्माण के दूसरे पहलुओं मसलन, न्यूमेरिकल एबिलिटी, साइंस, बेसिक आईटी, इंडस्ट्री ओरियंटेशन, कम्युनिकेशन, सॉफ्ट स्किल्स व पर्सनालिटी डेवलेपमेंट, वर्क एथिक्स पर भी ध्‍यान केंद्रित करता है। इसके अलावा यह सेक्टर की विशिष्ट जरूरतों के मद्देनजर सुरक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य व पर्यावरण (एसएचई) पर खास जोर देता है। प्रशिक्षण में ज्ञान व व्यवहारिक कौशल दोनों शामिल हैं।

इंस्टीट्यूट का लगातार यह प्रयास रहता है कि इसके कोर्स समाज के वंचित वर्ग के लोगों और गरीबी रेखा (बीपीएल) से नीचे जीवनयापन कर रहे लोगों तक अपनी पहुंच बना सकें।